Skip to content

जीवन विद्या

Jeevan Vidya

Menu
  • Home
  • जीवन विद्या
  • जीवन विद्या शिविर
  • जीवन विद्या गतिविधियां
  • जीवन विद्या लेख
  • जीवन विद्या वीडियो
  • सोशल
Menu
प्रश्न – मुक्ति

प्रश्न – मुक्ति

Posted on December 2, 2023

प्रश्न मुक्ति


•••••••••••••
७०० करोड़ मानवों के सभी प्रश्नों के लिए एक ही चाबी है। समझना है और प्रमाणित करना है – तो सभी प्रश्न ही समाप्त हैं। समझना नहीं है, प्रमाणित नहीं करना है – तो प्रश्न ही प्रश्न हैं.

समझ में आते तक मानव द्वारा अध्ययन करना या अनुसंधान करना ही उसकी स्वभाव-गति है। समझ में आने पर (अनुभव होने पर) प्रमाणित करना ही मानव की स्वभाव-गति है।

समझना = शक्तियों का अंतर्नियोजन। प्रमाणित करना = शक्तियों का बहिर्गमन। समझने के लिए ध्यान देने का अर्थ है, कल्पनाशीलता को लगाना। परंपरागत ध्यान-विधियों से इसका कोई लेन-देन ही नहीं है। कल्पनाशीलता का सह-अस्तित्व वस्तु में (न कि “सह-अस्तित्व” शब्द में) तदाकार होना ही अध्ययन के लिए ध्यान देना है। सह-अस्तित्व वस्तु है – चारों अवस्थाएं “त्व सहित व्यवस्था और समग्र व्यवस्था में भागीदारी” स्वरूप में होने से है। शब्द के अर्थ में तदाकार होना होता है. ध्यान देने का मतलब इतना ही है।

तदाकार होते हैं तो बोध होता है, बोध होता है तो अनुभव होता है। अनुभव होता है तो प्रमाण होता है।

सुनना, समझना, और प्रमाणित करना – यह क्रम है। बारम्बार उलझ जाते हैं, मतलब समझे नहीं हैं। समझे नहीं हैं, मतलब सुने नहीं हैं। प्रमाणित नहीं हुए हैं, मतलब समझे नहीं हैं. मूल में “सुख की निरंतरता” के लिए यह क्रम है। समाधान हुए बिना सुख की निरंतरता होता नहीं है. समाधान होने पर प्रमाण होता ही है।

➡️ प्रश्न: समझना पूरा होते तक विद्यार्थी के पास सच्चाई को “जाँचना” का क्या आधार है?

समझना पूरा होते तक जिज्ञासा ही है. समझ पूरा होने के बाद ही जाँचना होता है। विद्यार्थी की समझ पूरा होते तक गुरु ही जांचता है।

समझ पूरा होने के बाद शिष्य स्वयं अपने समझे होने का सत्यापन करता है। गुरु अपने शिष्य के समझदार होने का सत्यापन नहीं करता। कोई एक व्यक्ति दूसरे व्यक्ति के समझदार होने का सत्यापन करे – यह जीव-चेतना की बात है. मेरे विद्वान होने का आप प्रमाण-पत्र लिख कर दें – यह जीव-चेतना है। यह सब मिला कर के सुविधा-संग्रह में ही समीक्षित होता है।

  • श्रद्धेय बाबा श्री ए नागराज जी के साथ संवाद पर आधारित (अप्रैल २०११, अमरकंटक)
    साभार:

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

“भूमि स्वर्गताम यातु
मनुष्य यातु देवताम्:
धर्मो सफलताम यातु
नित्यं यातु शुभोदयम्I “

-A.Nagraj, Propounder- Madhyasth Darshan

current post

  • जीवन विद्या सोशल मडिया
    जीवन विद्या सोशल मडियाDecember 12, 2024
  • जीवन विद्या सम्मेलन में रजिस्ट्रेशन आवास इत्यादि की सूचना
    जीवन विद्या सम्मेलन में रजिस्ट्रेशन आवास इत्यादि की सूचनाNovember 7, 2024
  • जीवन विद्या 26 वा राष्ट्रीय सम्मेलन में व्यवस्था संबंधित सूचनाऐं
    जीवन विद्या 26 वा राष्ट्रीय सम्मेलन में व्यवस्था संबंधित सूचनाऐंNovember 4, 2024
  • आदरणीय राजन शर्मा जी की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा
    आदरणीय राजन शर्मा जी की स्मृति में श्रद्धांजलि सभाNovember 3, 2024
  • २५वां जीवन विद्या वार्षिक सम्मेलन २०२४ के अंतर्गत समानांतर गोष्ठियों का आयोजन किया गया है
    २५वां जीवन विद्या वार्षिक सम्मेलन २०२४ के अंतर्गत समानांतर गोष्ठियों का आयोजन किया गया हैOctober 29, 2024
  • अभ्युदय संस्थान, अछोटी में जीवन विद्या परिचय शिविर 2024
    अभ्युदय संस्थान, अछोटी में जीवन विद्या परिचय शिविर 2024October 28, 2024
  • जीवन विद्या राष्ट्रीय सम्मेलन में volunteers  के रूप में सहयोग देने के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करें
    जीवन विद्या राष्ट्रीय सम्मेलन में volunteers के रूप में सहयोग देने के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करेंOctober 4, 2024
  • जीवन विद्या परिचय शिविर गुजरात 2024
    जीवन विद्या परिचय शिविर गुजरात 2024September 29, 2024
  • जीवन विद्या परिचय शिविर अभ्युदय संस्थान धनौरा, हापुड़
    जीवन विद्या परिचय शिविर अभ्युदय संस्थान धनौरा, हापुड़September 29, 2024
  • जीवन विद्या राष्ट्रीय सम्मेलन में अपना रजिस्ट्रेशन करें
    जीवन विद्या राष्ट्रीय सम्मेलन में अपना रजिस्ट्रेशन करेंSeptember 28, 2024
  • अभ्युदय संस्थान, अछोटी में जीवन विद्या परिचय शिविर
    अभ्युदय संस्थान, अछोटी में जीवन विद्या परिचय शिविरSeptember 28, 2024
  • जीवन विद्या वर्कशॉप – 2024 (लोनावाला)
    जीवन विद्या वर्कशॉप – 2024 (लोनावाला)September 23, 2024
  • प्रश्न मुक्ति शिविर
    प्रश्न मुक्ति शिविरSeptember 23, 2024
  • जीवन विद्या अध्ययन शिविर
    जीवन विद्या अध्ययन शिविरSeptember 23, 2024
  • अध्ययन – मनन गोष्ठी
    अध्ययन – मनन गोष्ठीSeptember 18, 2024
  • २६ वां वार्षिक जीवन विद्या राष्ट्रीय सम्मेलन २०२४
    २६ वां वार्षिक जीवन विद्या राष्ट्रीय सम्मेलन २०२४September 15, 2024
  • जीवन विद्या परिचय शिविर
    जीवन विद्या परिचय शिविरSeptember 6, 2024
  • जीवन विद्या वर्कशॉप – 2024 (लोनावाला)
    जीवन विद्या वर्कशॉप – 2024 (लोनावाला)September 3, 2024
  • अस्तित्व मूलक मानव केन्द्रित चिंतन मध्यस्थ दर्शन सह अस्तित्ववाद पर आधारित जीवन विद्या परिचय शिविर
    अस्तित्व मूलक मानव केन्द्रित चिंतन मध्यस्थ दर्शन सह अस्तित्ववाद पर आधारित जीवन विद्या परिचय शिविरSeptember 3, 2024
Social
  • Youtube
  • Twitter
  • Telegram
  • Instagram
  • Facebook
  • Pinterest

Categories

  • Video
  • Jeevan Vidya
  • Jeevan Vidya Camp
  • Jivan Vidya activity
  • Jeevan Vidya blog

About
  • This website only information
  • Official site- Jeevan vidya
  • मध्यस्थ दर्शन सहअस्तित्ववाद
  • madhyasthdarshanjeevanvidya@gmail.com
©2026 जीवन विद्या | Design:By Softdigi