Skip to content

जीवन विद्या

Jeevan Vidya

Menu
  • Home
  • जीवन विद्या
  • जीवन विद्या शिविर
  • जीवन विद्या गतिविधियां
  • जीवन विद्या लेख
  • जीवन विद्या वीडियो
  • सोशल
Menu
मानव जाति में मनः स्वस्थता की रिक्तता को भरने के लिए यह विकल्प प्रस्तुत हुआ है.

मानव जाति में मनः स्वस्थता की रिक्तता को भरने के लिए यह विकल्प प्रस्तुत हुआ है.

Posted on March 1, 2024

मानव जाति में मनः स्वस्थता की रिक्तता को भरने के लिए यह विकल्प प्रस्तुत हुआ है.


=============================>
समझने के बारे में मुख्य मुद्दा यह है – “पढ़ना समझना नहीं है।” पढने पर “सूचना” होता है। अर्थ की सूचना जब आता है तो उस अर्थ के मूल में अस्तित्व में वस्तु होता है। अस्तित्व में वस्तु पहचान में आया तो समझ में आया। जैसे – “पानी” एक शब्द है। पानी अस्तित्व में एक वस्तु है। “पानी” शब्द से प्यास बुझता नहीं है। पानी वस्तु से ही प्यास बुझता है। इसी प्रकार हर शब्द का अर्थ है। उस अर्थ के मूल में अस्तित्व में वस्तु है। वस्तु समझ में आने से हम समझे।

अभी तक मनुष्य के इतिहास में मनुष्य कैसा है, क्यों है – इसका अध्ययन नहीं हुआ था। दूसरे समग्र अस्तित्व कैसा है, क्यों है – इसका अध्ययन नहीं हुआ था। समग्र अस्तित्व और मानव का अध्ययन न होने से समग्र अस्तित्व में मानव की क्या भागीदारी हो, यह समझ में नहीं आया था। यह न भौतिकवादी विधि से समझ में आया था, न ईश्वर-वादी विधि से समझ आया था। मध्यस्थ-दर्शन दो इन दोनों के विकल्प स्वरूप में आया – उससे मानव का अध्ययन और अस्तित्व का अध्ययन दोनों सम्भव हो गया।

मानव और अस्तित्व क्यों है, और कैसा है? – इसका पूरा ज्ञान मैंने प्राप्त कर लिया। क्यों है? – इससे “रहने” का उत्तर आता है। कैसे है? – इससे “होने” का उत्तर आता है। मानव कैसे है? – इसका उत्तर है, अस्तित्व में प्रकटन विधि पूर्वक मानव धरती पर प्रकट “होना” हुआ। मानव क्यों है? – इसका उत्तर है, मानव के “रहने” का प्रयोजन है – समाधान, समृद्धि, अभय, और सह-अस्तित्व पूर्वक “रहना”। “होना” और “रहना” समझ में आने के लिए ही अध्ययन है। अध्ययन से समझ, और समझ से जीना।

इस पर प्रश्न बनता है – अभी तक मनुष्य क्या जीता नहीं रहा क्या? इसका उत्तर है – अभी तक मनुष्य जीव-चेतना में जिया है। मानव-चेतना में जिया नहीं है। जीव-चेतना में होते हुए भी मनुष्य जीवों से अच्छा जीने का सोचा, क्योंकि मानव को कल्पनाशीलता और कर्म-स्वतंत्रता बिरासत में मिला ही था। कल्पनाशीलता और कर्म-स्वतंत्रता के चलते मनुष्य ने सामन्याकान्क्षा और महत्त्वाकांक्षा संबन्धी सभी वस्तुओं को प्राप्त कर लिया। इस तरह मानव अपने परिभाषा के अनुरूप मनाकार को साकार करने के चौखट में आ गया। मनः स्वस्थता का चौखट टटोला तो पता चला – वीरान पड़ा है! मनः स्वस्थता के पक्ष में मानव-जाती bankrupt है। मनाकार को साकार करने के पक्ष में हम समृद्ध हैं। यह कुल मिला कर अभी तक के मानव के जिए होने की समीक्षा हुई। मनुष्य जाति द्वारा बिना मनः स्वस्थता को प्रमाणित किए मनाकार को साकार करने के क्रम में ही धरती बीमार हुई। धरती के बीमार होने से जो प्रश्न-चिन्ह मानव-जाति के सम्मुख लग गया है – उसी के उत्तर में मध्यस्थ-दर्शन का विकल्प है। यह विकल्प मानव-जाति के मनः स्वस्थता की रिक्तता को भरने के लिए ही प्रकट हुआ है।

  • श्रद्धेय बाबा श्री नागराज जी के साथ संवाद पर आधारित (जनवरी २००७, अमरकंटक)
    madhyasth Darshan

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

“भूमि स्वर्गताम यातु
मनुष्य यातु देवताम्:
धर्मो सफलताम यातु
नित्यं यातु शुभोदयम्I “

-A.Nagraj, Propounder- Madhyasth Darshan

current post

  • जीवन विद्या सोशल मडिया
    जीवन विद्या सोशल मडियाDecember 12, 2024
  • जीवन विद्या सम्मेलन में रजिस्ट्रेशन आवास इत्यादि की सूचना
    जीवन विद्या सम्मेलन में रजिस्ट्रेशन आवास इत्यादि की सूचनाNovember 7, 2024
  • जीवन विद्या 26 वा राष्ट्रीय सम्मेलन में व्यवस्था संबंधित सूचनाऐं
    जीवन विद्या 26 वा राष्ट्रीय सम्मेलन में व्यवस्था संबंधित सूचनाऐंNovember 4, 2024
  • आदरणीय राजन शर्मा जी की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा
    आदरणीय राजन शर्मा जी की स्मृति में श्रद्धांजलि सभाNovember 3, 2024
  • २५वां जीवन विद्या वार्षिक सम्मेलन २०२४ के अंतर्गत समानांतर गोष्ठियों का आयोजन किया गया है
    २५वां जीवन विद्या वार्षिक सम्मेलन २०२४ के अंतर्गत समानांतर गोष्ठियों का आयोजन किया गया हैOctober 29, 2024
  • अभ्युदय संस्थान, अछोटी में जीवन विद्या परिचय शिविर 2024
    अभ्युदय संस्थान, अछोटी में जीवन विद्या परिचय शिविर 2024October 28, 2024
  • जीवन विद्या राष्ट्रीय सम्मेलन में volunteers  के रूप में सहयोग देने के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करें
    जीवन विद्या राष्ट्रीय सम्मेलन में volunteers के रूप में सहयोग देने के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करेंOctober 4, 2024
  • जीवन विद्या परिचय शिविर गुजरात 2024
    जीवन विद्या परिचय शिविर गुजरात 2024September 29, 2024
  • जीवन विद्या परिचय शिविर अभ्युदय संस्थान धनौरा, हापुड़
    जीवन विद्या परिचय शिविर अभ्युदय संस्थान धनौरा, हापुड़September 29, 2024
  • जीवन विद्या राष्ट्रीय सम्मेलन में अपना रजिस्ट्रेशन करें
    जीवन विद्या राष्ट्रीय सम्मेलन में अपना रजिस्ट्रेशन करेंSeptember 28, 2024
  • अभ्युदय संस्थान, अछोटी में जीवन विद्या परिचय शिविर
    अभ्युदय संस्थान, अछोटी में जीवन विद्या परिचय शिविरSeptember 28, 2024
  • जीवन विद्या वर्कशॉप – 2024 (लोनावाला)
    जीवन विद्या वर्कशॉप – 2024 (लोनावाला)September 23, 2024
  • प्रश्न मुक्ति शिविर
    प्रश्न मुक्ति शिविरSeptember 23, 2024
  • जीवन विद्या अध्ययन शिविर
    जीवन विद्या अध्ययन शिविरSeptember 23, 2024
  • अध्ययन – मनन गोष्ठी
    अध्ययन – मनन गोष्ठीSeptember 18, 2024
  • २६ वां वार्षिक जीवन विद्या राष्ट्रीय सम्मेलन २०२४
    २६ वां वार्षिक जीवन विद्या राष्ट्रीय सम्मेलन २०२४September 15, 2024
  • जीवन विद्या परिचय शिविर
    जीवन विद्या परिचय शिविरSeptember 6, 2024
  • जीवन विद्या वर्कशॉप – 2024 (लोनावाला)
    जीवन विद्या वर्कशॉप – 2024 (लोनावाला)September 3, 2024
  • अस्तित्व मूलक मानव केन्द्रित चिंतन मध्यस्थ दर्शन सह अस्तित्ववाद पर आधारित जीवन विद्या परिचय शिविर
    अस्तित्व मूलक मानव केन्द्रित चिंतन मध्यस्थ दर्शन सह अस्तित्ववाद पर आधारित जीवन विद्या परिचय शिविरSeptember 3, 2024
Social
  • Youtube
  • Twitter
  • Telegram
  • Instagram
  • Facebook
  • Pinterest

Categories

  • Video
  • Jeevan Vidya
  • Jeevan Vidya Camp
  • Jivan Vidya activity
  • Jeevan Vidya blog

About
  • This website only information
  • Official site- Jeevan vidya
  • मध्यस्थ दर्शन सहअस्तित्ववाद
  • madhyasthdarshanjeevanvidya@gmail.com
©2026 जीवन विद्या | Design:By Softdigi