जीवन विद्या परीचय शिबीर
सबकूछ होते हुये भी क्यू अधुरे पन का अहसास होते रहता है….?
कितना धन कमाने से परिवार मे निरंतर संतुष्टी पूर्वक जिना बन जायेगा ?
क्या हम अपनी संतान के शिक्षा से खुश है?
पुरे उत्साह से शूरू किया हर संबंध क्यू धिरे-धिरे फिका पड जाता है?…
आईए जानते है, ऐसे अनेक प्रश्नो के तार्किक, तात्विक एवं व्यावहारिक समाधान को…।
श्रोत :-
अस्तित्व मूलक मानव केन्द्रित चिंतन मध्यस्थ दर्शन, सह अस्तित्ववाद
प्रणेता: ए नागराज जी
प्रबोधक:सोम त्यागीजी, रायपूर, छत्तीसगढ
दिनांक: 12-may से 18 may 2024
स्थान: हॉटेल राधा मंगल कलर्स इन, धामणगाव रोड कॉटन मार्केट चौक यवतमाल
Location
सूचना:
- शिविर का और प्रबोधन का कोई भी शुल्क नहीं है।
- भोजन और व्यवस्था का खर्च वहन हो सके, इसलिए सहयोग राशि अपेक्षित है।
(7 दिवसीय शिबीर हेतू सहयोग राशि ₹3000/- ) - साथ ही, शिविर में भाग लेने के लिए सहयोग राशि देनेमे असमर्थता हो तो नीचे दिये संपर्क नंबर पर संपर्क करे।
- जो लोग इस शिविर में शामिल होना चाहते हैं, वे पंजीकरण(registration)के लिए निम्नलिखित लिंक पर दिये गए फॉर्म को भरें…
👇🏼 https://forms.gle/CN2G5Rmg9rLeNPkQ8
WhatsApp ग्रुप: शिबिर के लिये पंजियन करने वाले सभी निम्न ग्रुप को जॉईन करे। 👇🏼
https://chat.whatsapp.com/IIbd6ePp82GJQ0fMiE7hcz
पिछले सत्र का अनुभव देखतेहूये आखरी दिन का इंतजार ना करे, सभागार मे बैठक व्यवस्था मर्यादित है। शीघ्र रजिस्ट्रेशन करवाते हुए अपना स्थान सुनिश्चित करें।
आयोजक – मानवीय शिक्षण शोध संस्था यवतमाल,महाराष्ट्र
सहायता के लिए संपर्क:
9922422797, 9225401032
धन्यवाद