नमस्ते,
मध्यस्थ दर्शन में इंटीग्रेटेड पीएचडी प्रोग्राम के दूसरे सत्र में नामांकन संबंधी सूचना एवं प्रश्नोत्तरी के लिए 26 अप्रैल 2024, शुक्रवार की शाम 6:00 से 7:30 बजे आत्मीय यूनिवर्सिटी राजकोट द्वारा एक ऑनलाइन मीटिंग रखी गई थी।
इसमें देशभर से 59 व्यक्ति जुड़े थे।
जिज्ञासुओं के उत्तर देने के लिए आत्मीय यूनिवर्सिटी की तरफ़ से प्रो. चांसलर श्रीमती शीला जी, रिसर्च डायरेक्टर श्री आशीष जी, रिसर्च कोऑर्डिनेटर श्रीमती मेधा श्री दीदी और श्री जय भाई जुड़े थे।
पूछे गए प्रमुख प्रश्न -उत्तर (FAQ) हैं:-
१.इस पीएचडी प्रोग्राम में दाखिला के लिए न्यूनतम अर्हता क्या है?
इस कार्यक्रम मे शोध के लिए इच्छुक सभी लोग आवेदन कर सकते है, कोई भी न्यूनतम शैक्षणिक अर्हता नहीं रखी गई है ।
शोधार्थी मध्यस्थ दर्शन सहअस्तित्ववाद (प्रणेता- ए. नागराज) को समझने की जिज्ञासा रखता हो।
२.इस कार्यक्रम को करने के लिए आयु सीमा क्या है?
आयु सीमा की कोई बाध्यता नहीं है।
3.इस 5 वर्षीय प्रोग्राम के लिए कितना शुल्क रखा गया है ?
इस कार्यक्रम का वार्षिक शुल्क पचपन हजार (55,000/-) है ।
परन्तु इस प्रोग्राम को पूरी मानवजाति के लिए उपयोगी तथा साधना जैसी प्राथमिकता देने की वजह से सभी शोधार्थी को 45000/- की राशि आत्मीय विश्वविद्यालय द्वारा बतौर फेलोशिप दी जायेगी ।
अतः एक शोधार्थी को सालाना कुल 10000/- ही देने होंगे ।
इसमें जुड़े सभी मार्गदर्शक तथा कॉर्डिनेटर उपकार भाव से(शुल्क रहित) सहयोग दे रहे हैं।
4.क्या कोई Working Goverment Employee इस कार्यक्रम को कर सकते हैं?
हां। कोई भी इच्छुक कर्मचारी/अधिकारी इसमें हिस्सा ले सकते हैं। Goverment की अगर कोई formality है,तो उसे पूरी करने में, आत्मीय यूनिवर्सिटी सहयोग करेगी ।
5. इस कार्यक्रम से जुड़े अभ्यासों के लिए कौन सी जगहें मान्य होंगी?
इसके लिए आत्मीय विश्वविद्यालय, राजकोट और दिव्य पथ संस्थान(DPS),अमरकंटक के बीच MOU किया गया है।
मध्यस्थ दर्शन संबंधी मार्गदर्शन, DPS द्वारा उपलब्ध/अनुमोदित संस्थान एवं प्रबोधकों की सूची मान्य होगी ।
शोध के लिए इच्छुक शोधार्थी नीचे दिये लिंक से आवेदन भेज सकते है।
धन्यवाद..