आमंत्रण
जीवन विद्या परिचय शिविर, दिनांक 13 सितम्बर से 19 सितम्बर 24, स्थान: सेवा धाम, नन्दन पहाड़ के पास
माननीय बंधु,
सही वर्तमान ही सुखद भविष्य का सूत्र है।
हम सही को समझते हैं तो सही ही जीते हैं। सही जीते हैं तो व्यवस्था प्रगटती ही है। व्यवस्था, अर्थात, स्वयं में समाधान; परिवार में सुख, शांति एवं समृद्धि; मानव-मानव के बीच समस्त सम्बन्धों में उभय तृप्ति; समाज में सामंजस्य एवं अभय; और प्रकृति में संतुलन। क्या इससे कम में भी व्यवस्था को देखा व समझा जा सकता है?
हम परिवार में शिकायत मुक्त और अभाव मुक्त हो सकते हैं, कैसे?
हम स्वयं सहित अपने चहुँ ओर स्थित समस्त वास्तविकताओं और व्यवस्थाओं को जान-समझ सकते हैं, कैसे?
हम जिंदगी को निश्चित दिशा दे सकते हैं जिससे कि हमारी शुभ चाहनाएँ साकार हो सकें?
आईये, हम जिंदगी से जुड़े सभी पहलुओं और प्रश्नों को जानें और एक सुंदर भविष्य को दिशांवित करें।
मध्यस्थ दर्शन (प्रणेता- ए नागराज) अनुप्राणित, जीवन विद्या (सह अस्तित्व पर) शिविर, सभी प्रकार के प्रश्न मुक्ति, अभाव मुक्ति और शिकायत मुक्ति के अर्थ से समाधान को संवाद के माध्यम से प्रशस्त करती है। इसमें आप सभी बन्धुओं का सहर्ष स्वागत है।
इस शिविर में प्रबोधक के रूप में, पुणे, महाराष्ट्र से श्री श्रीराम भैया, जिन्होंने अपने प्रश्नों के उत्तर की खोज में 21 वर्ष की आयु में अपना IT जॉब छोड़ दिया था एवं 20 वर्षों से दर्शन के शोध और अध्ययन में लगे हुए हैं, हमारे बीच उपस्थित रहेंगे।
साभार
देवघर जीवन विद्या अध्ययन शील परिवार।
शिविर कार्यक्रम:
प्रातः 09:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक
संपर्क: 9006524602
8539882778
नोट: शिविर के लिये प्रबोधन का कोई शुल्क नहीं है। तथापि, भोजन एवं आवास की व्यवस्था में, जिसमें प्रति व्यक्ति 2000 ₹ अनुमानित खर्च होते हैं, में सभी की व्यक्तिगत स्वैच्छिक भागीदारी अपेक्षित है।
शिविर में उपस्थित होने के लिये कृपया नीचे दिये गए form को अवश्य भरें:-