अध्ययनशील शिक्षकों का उन्मुखीकरण कार्यशाला
अस्तित्व मूलक मानव केन्द्रित चिंतन *मध्यस्थ दर्शन* * सह अस्तित्ववाद* पर आधारित
तीन दिवसीय आवासीय शिविर
दिनांक : 27, 28, 29 मई 2023 ( तीन दिन )स्थान: अभ्युदय संस्थान, अछोटी, दुर्ग छत्तीसगढ़
प्रबोधक: अनीता शाह दीदी
संपर्क: 9893025307 (WHATSAPP / CALL )
9301625307 (CALL).
9981186657 (CALL),
9301359227 (WHATSAPP)
बिंदु 1. कामना से योजना की ओर गति
(DAY- 1)अध्ययन विधि में मध्यस्थ दर्शन प्रस्ताव सार्वभौम, सर्वकालिक, जीने में प्रमाणित हो सके।
सर्व मानव के स्वीकारने योग्य, जीने योग्य विधि – कैसे!! …..
अध्ययन विधि में निरीक्षण, परीक्षण, सर्वेक्षण विधि । – कैसे!!…..
मानव में व्यक्ति के रूप में समाधान संपन्नता, जागृति संपन्नता को कैसे देखें।
कैसे !! मानव अपने मानवत्व सहित व्यवस्था व समग्र व्यवस्था में भागीदारी होना।
बिंदु 3. संबंध- मूल्य- मूल्यांकन(DAY-3)
• मानव संबंध, नैसर्गिक संबंधों का बोध कराने का कार्यक्रम प्रधानतः मानव संबंध 7नैसर्गिक संबंध 3
• मानव संबंध 1. माता पिता / पुत्र पुत्री 2. भाई-बहन 3. गुरु शिष्य 4. साथी सहयोगी 5. मित्र मित्र 6. पति पत्नी 7. व्यवस्था संबंध
• नैसर्गिक संबंध- 1. व्यवस्था के साथ 2. प्राण अवस्था केसाथ 3. पदार्थ अवस्था के साथ
• मानवीय चेतना संपन्न मानव संबंध में स्थापित व शिष्ट मूल्य।
• दृष्टा पद प्रतिष्ठा सहज जागृति प्रमाण संपन्नता- मानव ही दृष्टा कर्ता, भोक्ता जागृति पूर्वक ।
• कार्य व्यवहार करने में स्वतंत्र फल भोगने में स्वतंत्र ।
• जागृति पूर्वक किया गया संपूर्ण कर्मफल पुरकता, उपयोगिता सहज प्रमाण।
• सकारात्मक फल आवंटन स्वीकार होता है, नकारात्मक फल कोई स्वीकार नहीं करता है।
• मानवीय परंपरा सहज-संस्कृति, सभ्यता, विधि, व्यवस्था शिक्षा, आचरण, संविधान, व्यवस्था
• पुरकता, उपयोगिता विधि से ही धरती पर वैभवित चारों अवस्था में संतुलन।



