श्रद्धेय श्री ए. नागराज जी (प्रणेता – मध्यस्थ दर्शन)
स्थान :
For more information contact Sanjeev ji – 9448231960 Nikhil ji – 8904363056
संपा फार्मस, शामेशिरी, कौन्तेव बोबलाद 416412 तालुका जत, जिल्हा सांगली, महाराष्ट्र
The venue is 22 km from Vijyapur city on Vijayapur-Phandarpur Highway
निरन्तर खुशी – सहज खुशी
दिनांक: 21-07-2024 से 28-07-2024 तक
मध्यस्थ दर्शन अध्येता राजेश बहुगुणा ऋषिकेश, उत्तराखंड
निरन्तर खुशी – सहज खुशी
मानव अपने हर कार्य-व्यवहार से खुश होना चाहता है और इसी खुशी को निरंतर बनाए रखना चाहता है। इस खुशी को निरंतर बनाए रखने के क्रम में मानव ने ः-
- सुविधा से खुशी पाने के लिए भौतिक सुविधाओं का संसार खड़ा किया लेकिन परिणाम में शारीरिक बीमारी और प्राकृतिक असन्तुलन पाया
- सम्बन्ध से खुशी पाने के लिये परिवार समाज बनाया लेकिन परिणाम में सबन्धों में तनाव, समाज में भय असुरक्षा को पाया
- ईश्वर से खुशी पाने के लिये भक्ति को अपनाया लेकिन परिणाम में धार्मिक विद्वेष, जटिल कमर्काण्ड को पाया तो गलती कहाँ ? खुशी की चाहना में? या खुशी की समझ में ?
जैसे मानव ने प्रकृति के विज्ञान को समझकर भौतिक सुविधा का संसार सजाया क्या वैसे ही मानव जीवन के ज्ञान को समझकर खुशियों का संसार सजा सकता है ?
आइए इन्हीं सम्भावनाओं पर चर्चा करें।
नाम – राजेश बहुगुणा (ऋषिकेश – उत्तराखंड)
2004 से मध्यस्थ दर्शन अध्येता
2004 से 2009 तक – सिद्ध शैक्षणिक संस्थान मसूरी (उत्तराखंड) में शिक्षा शोधार्थी के रूप में कार्य
2009 – 2011 – त्रैमासिक पत्रिका – समाख्या – सम्पादन
2011-2012 – मातेश्वरी कन्या हाईस्कूल में निदेशक पद पर कार्य
2012 – अब तक : देश में कई स्कूलों में शिक्षा सलाहकार के रूप में कार्य
- आरंभ विद्यालय, रोहतास (बिहार)
- ज्ञानभूमि गुरुकुल हांसी (हरियाणा)
- आनंद निकतेन स्कूल, अहमदाबाद (गुजरात)
- नवदीप विद्यामंदिर, विसनगर (गुजरात
Location : https://maps.app.goo.gl/xK4kHyJ1v8xhpAXB9
Registration : https://forms.gle/aYJq3e33GqfJP2dR8