अध्ययन का लक्षण “मानवीय आचरण का अनुकरण-अनुसरण करना, उसे अपना स्वत्व बनाने की तीव्र जिज्ञासा पूर्वक निष्ठान्वित क्रियाकलाप ही अध्ययन का लक्षण है| अध्ययन की चरितार्थता आचरण में ही है| अर्थात आचरण…
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जीवन विद्या
जीवन विद्या परीचय शिबीर यवतमाल
जीवन विद्या परीचय शिबीर सबकूछ होते हुये भी क्यू अधुरे पन का अहसास होते रहता है….?कितना धन कमाने से परिवार मे निरंतर संतुष्टी पूर्वक जिना बन जायेगा ?क्या हम अपनी संतान के…
jeevan Vidya Video
जीवन विद्या के समाचार
Jeevan Vidya Parichay Shivir 2024
“Jeevan VidyaParichay Shivir” “मध्यस्थ दर्शन सहअस्तित्ववाद” के प्रणेताश्रद्धेय ए. नागराजजी द्वारा प्रतिपादित, जीवन विद्या परिचय शिविर सदा सुखी रहने के लिए तात्त्विक-तार्किक-व्यावहारिक समझ। दिनांक :*26 April 2024 ( शुक्रवार) से30 April 2024…
happy summer camp 2024
happy summer camp Completely Free.No Charges. 1-5 APRIL TIME 10 AM TO 12 PM AGE 3-5 ACTIVITIES 1) Story telling session 2) Brain Exercises 3) Games n Sports 4) Yoga n meditation…
लघु युवा शिविर 2024
लघु युवा शिविर 2024 परिवार व्यवस्था मे जीने के लिए संवादछत्तीसगढ़ स्तरीय त्रि दीवसिय आवासीय शिविरमानव तीर्थ, किरतपुर, बेमेतरा मध्यस्थ दर्शन सह- अस्तित्ववाद {प्रणेता श्रद्धेय ए नागराज जी} पर आधारित 29 से…
जीवन विद्या परिचय शिविर भीलवाड़ा 2024
● Self Exploration Workshop ●.जीवन विद्या परिचय शिविर भीलवाड़ा.● दोतरफ़ा संवाद : 16 से 23 जून (कुल 8 दिन) 16/6 – रविवार17/6 – बकरीद23/6 – रविवार ● Facilitator : Moti bhaiya(Research Scholar…
अध्ययन शिविर (3 माह)वर्ग-1(नए अध्ययनार्थियों के लिए)
घोषणा: अध्ययन शिविर (3 माह) वर्ग-1(नए अध्ययनार्थियों के लिए) 11 जुलाई से 10 अक्तूबर 2024 अभ्युदय संस्थान धनौरा, हापुड़ (NCR)(मानवीय शिक्षा शोध एवं अध्ययन केंद्र)आधार:- मध्यस्थ दर्शन, प्रणेता:- श्रद्धेय श्री ए० नागराज…
Jeevan Vidya – Ek Parichaya book by Shree A Nagraj. This is an endeavour to make a bridge
Namaste! It is with great happiness that we announce the online reading and explanation sessions of English translation of Jeevan Vidya – Ek Parichaya book by Shree A Nagraj. This is an…
जीवन विद्या परिचय कार्यशाला
“मध्यस्थ दर्शन सहअस्तित्ववाद” के प्रणेताश्रद्धेय ए. नागराजजी द्वारा प्रतिपादित, जीवन विद्या परिचय कार्यशाला गहन अनुसंधान के आधार पर जीवन के उद्देश्य और इसे पाने के पथ की स्पष्ट समझ। सदा सुखी रहने…
अछोटी में आगामी दो माह में तीन शिविर
नमस्ते अभ्युदय संस्थान अछोटी में आगामी दो माह में तीन शिविर कार्यक्रम एक के बाद एक होने वाले हैं. साथ ही हर एक कार्यक्रम दूसरे कार्यक्रम की पूर्व अपेक्षित शिविर के रूप…
चेतना विकास मूल्य शिक्षा शिविर
श्रद्धेय श्री ए नागराज द्वारा प्रतिपादित मध्यस्थ दर्शन – सहअस्तित्ववाद पर आधारित चेतना विकास मूल्य शिक्षा शिविर प्रबोधक: श्री महेन्द्र भैया दिनांक : 2 से 9 मई, 2024 भाषा: हिंदी स्थल: संवाद…
cordially invites you to Convention on Human Values in School Education
School of Co-Existence cordially invites you to Convention on Human Values in School Education at SARVODAYA VIDYALAYA FU Block, Pitampura on 12 MARCH 2024, 9:30AM Chief Guest: – Mr Ashok Kumar,IAS, Secretary…
स्वावलंबी गौ पालन-स्वावलंबी गौ आधारित प्राकृतिक कृषि प्रशिक्षण शिविर (निःशुल्क)
गीर बंसी गीर गोशाला स्वावलंबी गौ पालन-स्वावलंबी गौ आधारित प्राकृतिक कृषि प्रशिक्षण शिविर (निःशुल्क) श्री गोपाल भाई सुतरिया रविवार, 10 मार्च 2024, समय प्रातः 10 बजे से सायं 5 बजे तक स्थान…
जीवन विद्या परिचय शिविर 2024
जीवन विद्या परिचय शिविर यह शिविर क्यों? 18 से 24 अप्रैल, 2024 अभ्युदय संस्थान धनौरा, हापुड (Delhi-NCR) प्रबोधकः श्री सोम त्यागी जी Computer Engineer & Scholar Madhyasth Darshan श्री संजीव चोपड़ा जी…
मानव जाति में मनः स्वस्थता की रिक्तता को भरने के लिए यह विकल्प प्रस्तुत हुआ है.
मानव जाति में मनः स्वस्थता की रिक्तता को भरने के लिए यह विकल्प प्रस्तुत हुआ है. =============================>समझने के बारे में मुख्य मुद्दा यह है – “पढ़ना समझना नहीं है।” पढने पर “सूचना”…
व्यक्तित्व विकास शिविर
नमस्ते!! पिछले वर्ष के भांती इस वर्ष चेतना विकास विद्यालय ग्राम परडा में १५ मई से ३० मई तक व्यक्तित्व विकास शिविर का आयोजन हो रहा है ।आयुवर्ग : १२ से १६…
जीवन विद्या शिविर
जीवन विद्या शिविर दिनांक – 15 मार्च 2020 (रविवार) विषय – मानवीय शिक्षा एवं व्यवस्था में समाज की भूमिका अतिथि प्रवक्ता – माननीय श्री सोमदेव त्यागी मुख्य प्रबोधक – अभ्युदय संस्थान (मानवीय…
सुखी होने का ज्ञान
सुखी होने का ज्ञान प्रश्न : मानव को ज्ञान क्यों चाहिए.? उत्तर : सुखी होने के लिए। सुखी होने के बाद सुखी रहना बनता है। मानव को सुखी होने के लिए ज्ञान…
वांगमय का सहपठन कार्यक्रम
नमस्तेसहपठन कार्यक्रम के लिए प्रस्तावित “10 दिवसीय किताब-सहपठन” हेतु आपके इंटरेस्ट का पता करने हेतु यह पोस्ट है…वांगमय का सहपठन कार्यक्रमप्रस्तावित दिनांक व किताब –दिनांक 5 से 15 मार्च 2024 //मानव संचेतना…
जानना, मानना, पहचानना, निर्वाह करना
जानना, मानना, पहचानना, निर्वाह करना “जानने” की वस्तु “नियम” हैं। नियम वे हैं – जो देश (स्थान) और काल (समय) के अनुसार बदलते नहीं हैं, और निरंतर बने रहते हैं। जैसे –…
अध्ययन बिंदु शिविर – जीवन विद्या
मान्यवर,सूचना: अभ्युदय संस्थान, अछोटी में –अध्ययन बिंदु शिविर – जीवन विद्या (9 दिवसीय – आवासीय शिविर)प्रबोधक: श्री संकेत भैयादिनांक: 4 से 12 अप्रैल 2024 तक.आपको यह सूचित करते हुए हमें अत्यंत हर्ष…
5 दिवसीय आवर्तनशीलखेती (Natural Farming) एवं फार्मडिजाइनिंग प्रशिक्षण कार्यक्रम
सुख-समृद्धि की खेती से परिचय हेतु… समस्या से #समाधान की ओर ले जाने वाली खेती से परिचय हेतु… आवर्तनशीलअर्थशास्त्र पे आधारित सहअस्तित्ववादी खेती पद्धति… 5 दिवसीय #आवर्तनशीलखेती (Natural Farming) एवं #फार्मडिजाइनिंग प्रशिक्षण…
JV Workshop on Ethics & Human ValuesIn Hindi & English (Bilingual)
JV Workshop on Ethics & Human ValuesIn Hindi & English (Bilingual) (With Spacial Focus on UPSC Ethics paper)Abhyuday Sansthan Dhanaura Hapur (NCR)7 day residential camp Why this workshop? ⚫ Only by understanding…
परिचय शिविर 2024
परिचय शिविर 2024 जानो सबकुछ! इस कैंप में होगा, ज़िंदगी से जुड़े… हर जवाब से आपका ‘परिचय’, जैसे – Register At- mcvk.org More Details – 9968844444 8860684383 Accomodation Charges Including Meals ₹300/₹600/₹800-Per…
विचार का मूल रूप
विचार का मूल रूप ➡️प्रश्न: विचार का मूल रूप क्या है? उत्तर: विचार का मूल रूप है – तुलन। तुलन ही गति रूप में है – विश्लेषण। वही विचार है। तुलन के…
संपर्क – सूचना – अध्ययन – अनुभव – प्रमाण
संपर्क – सूचना – अध्ययन – अनुभव – प्रमाण साक्षात्कार पाँच सूत्र (सह-अस्तित्व, सह-अस्तित्व में विकास-क्रम, सह-अस्तित्व में विकास, सह-अस्तित्व में जागृति-क्रम, और सह-अस्तित्व में जागृति) का होता है – जो अनुभव…
भ्रमित-मानव की परिभाषा
भ्रमित-मानव की परिभाषा भ्रमित मानव की परिभाषा है – न्याय का याचक बने रहना, और गलती करने के अधिकार का प्रयोग करते रहना। भ्रमित मनुष्य को गलती करने का अधिकार है। इसकी…
पहचान और निर्वाह
पहचान और निर्वाह हर वस्तु अनंत कोण संपन्न है। हर वस्तु हर कोण से दीखता है। हर वस्तु किसी न किसी कोण से दूसरे वस्तु से जुड़ा ही रहता है। इस तरह…
अभी तक हम जैसे जी रहे हैं उससे हमको तृप्ति हो रहा है या नहीं इसका….
अभी तक हम जैसे जी रहे हैं उससे हमको तृप्ति हो रहा है या नहीं इसका निरीक्षण। यदि तृप्ति मिल गया है, तो उसी को किया जाए. यदि तृप्ति नहीं मिला है…
ध्वनि के एक तरीके को हम भाषा…..
ध्वनि के एक तरीके को हम भाषा कह रहे है। इन्द्रियों के साथ शब्द तैयार होता है। शब्द अंततोगत्वा भाषा के नाम से आया। भाषा है भासना। शब्द के अर्थ से वस्तु(वास्तविकता/Reality)…
परिवार सहज व्यवहार अभ्यास केंद्रित दस वर्षीय ऑनलाइन पठन (2024 से 2034)
मध्यस्थ दर्शन सहस्तित्ववाद प्रणेता श्री अग्रहार नागराजजी द्वारा प्रस्तावित शिक्षा के मानवीयकरण कार्यक्रम अंतर्गत परिवार सहज व्यवहार अभ्यास केंद्रित दस वर्षीय ऑनलाइन पठन (2024 से 2034) : उद्देश्य : मध्यस्थ दर्शन वांग्मय…
अभ्युदय संस्थान, अछोटी में जीवन विद्या परिचय शिविर
मान्यवर,🙏अभ्युदय संस्थान, अछोटी में जीवन विद्या परिचय शिविर के लिए.. आरक्षित करें अपना समय🙏 .अस्तित्व मूलक मानव केन्द्रित चिंतन मध्यस्थ दर्शन सह अस्तित्ववाद पर आधारित जीवन विद्या परिचय शिविर.प्रबोधक: रविकांत भैया और…
जाने हुए को मान लो, माने हुए को जान लो
उपदेश: “जाने हुए को मान लो, माने हुए को जान लो” ईश्वरवादी परंपरा में कहा गया, विज्ञान में भी कहा गया – “कर के समझो”. ईश्वरवादी परम्परा में कहा गया – “आचरण…
उपयोगिता
उपयोगिता•••••••••••उपयोगिता आचरण के रूप में पहचान में आती है। हर इकाई अपनी उपयोगिता को अपने आचरण द्वारा प्रकट करती है। पानी अपनी प्यास बुझाने की उपयोगिता को अपने आचरण द्वारा प्रकट करता…
प्रकाशमानता – प्रतिबिम्बन – पहचान
प्रकाशमानता – प्रतिबिम्बन – पहचान ••••••••••••••••••••••••••••••••••हर इकाई प्रकाशमान है. प्रकाशमानता का स्वरूप है – रूप, गुण, स्वभाव, धर्म. सभी इकाइयों का प्रतिबिम्बन सभी ओर रहता है. इस सिद्धांत को हृदयंगम करने की…
इतिहास में अभी तक मानव द्वारा प्रकृति के साथ पूरकता की पहचान नहीं हुई.
इतिहास में अभी तक मानव द्वारा प्रकृति के साथ पूरकता की पहचान नहीं हुई. प्रश्न: क्या मानव अपने इतिहास में प्रकृति के साथ अपनी पूरकता के अर्थ में अपने ‘आहार’, ‘आवास’ और…
ध्वनि – ताप – विद्युत
ध्वनि – ताप – विद्युत ••••••••••••••••••••••••परमाणु में गति के स्वरूप को हमने समझा. गति के फल-स्वरूप ही ध्वनि भी होता है, ताप भी होता है, विद्युत भी होता है। ताप, ध्वनि, और…
धर्म
धर्म •••••“मानव के लिए सुख ही धर्म है। सुख की आशा से ओत-प्रोत मानव को एक क्षण के लिए भी इस कामना से विमुख नहीं किया जा सकता। धर्म की परिभाषा ही…
सुखी होना
सुखी होना •••••••••••सम्बन्ध एवं संपर्क में तारतम्यात्मक व्यवहार पक्ष के आनुषंगिक मानव का, विभिन्न विभूतिपरक एवं स्थितिपरक अध्ययन आवश्यक तथा वांछनीय है। अस्तु, सभी मानव आबाल-वृद्ध निम्न बारह स्थिति में गण्य हैं।…