Skip to content

जीवन विद्या

Jeevan Vidya

Menu
  • Home
  • जीवन विद्या
  • जीवन विद्या शिविर
  • जीवन विद्या गतिविधियां
  • जीवन विद्या लेख
  • जीवन विद्या वीडियो
  • सोशल
Menu
कल्पनातीत उपलब्धि

कल्पनातीत उपलब्धि

Posted on January 11, 2024

कल्पनातीत उपलब्धि


••••••••••••••••••••••
मैंने जो उपलब्धि पायी वह कल्पनातीत है. ऐसी कल्पना कोई कर नहीं पाया कि ऐसा कोई उपलब्धि होगा जिसमे सबके लिए जवाब होगा, जिसमे सबके लिए समाधान होगा, जिसमे सबके लिए शिक्षा का स्वरूप होगा, जिसमे सारी मानव जाति का एक संविधान होगा. इसको क्या कोई सोचा भी है? यह “चाहत” कुछ पुण्यशील व्यक्तियों में होगा. किन्तु इस चाहत के पूरा होने के लिए “प्रस्ताव” किसी के पास नहीं है. यह उपलब्धि इससे पहले किसी को मिला हो, और उसने आँखें मूँद ली – तो उस का क्या प्रयोजन निकला? इस उपलब्धि को पाने के बाद मैं सोचने लगा, यदि मानव-जाति को सौंपे बिना मैं आँखे मूँद लेता हूँ तो पुनः अपराध हो गया! मानव जाति को इसे पकडाने के लिए मैंने अपने जीने का डिजाईन समाधान-समृद्धि के स्वरूप में बनाया. यदि मानव जाति को पकडाने की बात नहीं होती तो मैं विरक्ति विधि से ही जीता रहता. समाधान-समृद्धि का यह न्यूनतम मॉडल लोकव्यापीकरण हो सकता है.

➡️प्रश्न: तो क्या जागृत होने के बाद भी कोई ऐसा सोच सकता है कि मानव-जाति को इस उपलब्धि को देना है या नहीं?

उत्तर: नहीं. यह जागृति के पहले दृष्टा पद की स्थिति है. जैसे ही मुझ को समझ में आया कि यह सम्पूर्ण मानव जाति की सम्पदा है, और यह मेरे अकेले की सम्पदा नहीं है – तो मैंने उसके साथ ईमानदारी को जोड़ दिया. मेरे स्वयं के समाधान-समृद्धि पूर्वक जिए बिना कोई मेरी बात सुनेगा नहीं. अनुभव पूर्वक समाधान तो मेरे पास हो गया था. उसके साथ समृद्धि को जोड़ दिया.

➡️प्रश्न: तो क्या आप भी साक्षात्कार-बोध-अनुभव के क्रम से गुजरे और उसके बाद अपने जीने के क्रम को सजाये?

उत्तर: हाँ. अनुभव संपन्न होने के बाद समाधान-समृद्धि के डिजाईन को बनाने में मुझे पांच वर्ष का समय लगा.

➡️प्रश्न: आपके अनुभव प्राप्त करने और हमारे अध्ययन पूर्वक अनुभव प्राप्त करने में क्या फर्क है?

उत्तर: मैंने भी अध्ययन पूर्वक ही अनुभव को प्राप्त किया है. आपको अध्ययन मैं कराता हूँ, मुझको प्रकृति से सीधा अध्ययन करने का मौका मिला. २५ वर्ष की जो मैंने साधना की थी, उससे प्रकृति से सीधा अध्ययन करने की मेरी स्थिति बनी. वस्तु का बोध होने के बाद उसको व्यवहार में प्रमाणित होने के क्रम को मैं स्वयं में जोड़ता गया. वस्तु को शब्द से जोड़ने की अर्हता मेरे पास था ही. यह अर्हता हर व्यक्ति के पास है. किसी भी वस्तु को देखता है तो उसको नाम देना उससे बन जाता है. वस्तु से अनुभव, अनुभव से विचार, विचार से शब्द तक जोड़ दिया. आप ही बताओ – इतनी बात की आवश्यकता थी या नहीं?

मानव जाति “अनुभव प्रमाण” को छोड़ करके, सभी को बोध होने वाली विधि को छोड़ करके, उपदेश विधि में पहुँच गया. उपदेश विधि से रूढी बन सकती है, अध्ययन नहीं हो पायेगा. इसलिए अध्ययन विधि के योग्य शब्दों को मैं जोड़ता गया. भाषा से वस्तु तक जोड़ने के लिए परिभाषा दे दिया. यहाँ कह रहे हैं – हम अपने अनुभव को प्रमाण रूप में प्रस्तुत कर सकते हैं, दूसरा व्यक्ति उसको स्वीकार सकता है, वह अपने में उसको प्रमाणित करने के क्रम में जांच सकता है. इस तरह अनुभव एक से दूसरे में अंतरित होने की बात आयी.

इस प्रस्ताव के आने से पहले किसी भी परंपरा ने अनुभव के एक से दूसरे में अंतरित होने की बात को माना नहीं है. आज मैं एक जैन साध्वी से मिला तो उनसे मैंने पूछा – यह जो आप साधना करते हैं, क्या उसका कोई “फल” होता है या नहीं? उन्होंने कहा – होता है. फिर मैंने पूछा – क्या वह फल मानव जाति को छुआ है या नहीं? उन्होंने कहा – नहीं. यदि हमारी साधना का फल संसार को नहीं मिलता है तो साधना से हमे कोई फल मिला या नहीं, यह कैसे कहा जाए? उसके बाद उन्होंने पूछा – आपका इस बारे में क्या सोच है? मैंने उनको बताया – मैंने जो साधना किया, समाधि को प्राप्त किया, उसके बाद संयम किया – उसके फल में पता चला, जीव-चेतना भ्रम है, मानव-चेतना जागृति है. मानव-चेतना का अध्ययन हो सकता है. उस अध्ययन विधि को मैंने मानव के सम्मुख रखा है. भ्रम से जागृति की ओर गमन के लिए ये सारा अध्ययन है.

  • श्रद्धेय श्री ए नागराज जी के साथ संवाद पर आधारित (अगस्त २००६, भिलाई)
    साभार: madhyasth Darshan

Leave a Reply Cancel reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

“भूमि स्वर्गताम यातु
मनुष्य यातु देवताम्:
धर्मो सफलताम यातु
नित्यं यातु शुभोदयम्I “

-A.Nagraj, Propounder- Madhyasth Darshan

current post

  • जीवन विद्या सोशल मडिया
    जीवन विद्या सोशल मडियाDecember 12, 2024
  • जीवन विद्या सम्मेलन में रजिस्ट्रेशन आवास इत्यादि की सूचना
    जीवन विद्या सम्मेलन में रजिस्ट्रेशन आवास इत्यादि की सूचनाNovember 7, 2024
  • जीवन विद्या 26 वा राष्ट्रीय सम्मेलन में व्यवस्था संबंधित सूचनाऐं
    जीवन विद्या 26 वा राष्ट्रीय सम्मेलन में व्यवस्था संबंधित सूचनाऐंNovember 4, 2024
  • आदरणीय राजन शर्मा जी की स्मृति में श्रद्धांजलि सभा
    आदरणीय राजन शर्मा जी की स्मृति में श्रद्धांजलि सभाNovember 3, 2024
  • २५वां जीवन विद्या वार्षिक सम्मेलन २०२४ के अंतर्गत समानांतर गोष्ठियों का आयोजन किया गया है
    २५वां जीवन विद्या वार्षिक सम्मेलन २०२४ के अंतर्गत समानांतर गोष्ठियों का आयोजन किया गया हैOctober 29, 2024
  • अभ्युदय संस्थान, अछोटी में जीवन विद्या परिचय शिविर 2024
    अभ्युदय संस्थान, अछोटी में जीवन विद्या परिचय शिविर 2024October 28, 2024
  • जीवन विद्या राष्ट्रीय सम्मेलन में volunteers  के रूप में सहयोग देने के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करें
    जीवन विद्या राष्ट्रीय सम्मेलन में volunteers के रूप में सहयोग देने के लिए अपना रजिस्ट्रेशन करेंOctober 4, 2024
  • जीवन विद्या परिचय शिविर गुजरात 2024
    जीवन विद्या परिचय शिविर गुजरात 2024September 29, 2024
  • जीवन विद्या परिचय शिविर अभ्युदय संस्थान धनौरा, हापुड़
    जीवन विद्या परिचय शिविर अभ्युदय संस्थान धनौरा, हापुड़September 29, 2024
  • जीवन विद्या राष्ट्रीय सम्मेलन में अपना रजिस्ट्रेशन करें
    जीवन विद्या राष्ट्रीय सम्मेलन में अपना रजिस्ट्रेशन करेंSeptember 28, 2024
  • अभ्युदय संस्थान, अछोटी में जीवन विद्या परिचय शिविर
    अभ्युदय संस्थान, अछोटी में जीवन विद्या परिचय शिविरSeptember 28, 2024
  • जीवन विद्या वर्कशॉप – 2024 (लोनावाला)
    जीवन विद्या वर्कशॉप – 2024 (लोनावाला)September 23, 2024
  • प्रश्न मुक्ति शिविर
    प्रश्न मुक्ति शिविरSeptember 23, 2024
  • जीवन विद्या अध्ययन शिविर
    जीवन विद्या अध्ययन शिविरSeptember 23, 2024
  • अध्ययन – मनन गोष्ठी
    अध्ययन – मनन गोष्ठीSeptember 18, 2024
  • २६ वां वार्षिक जीवन विद्या राष्ट्रीय सम्मेलन २०२४
    २६ वां वार्षिक जीवन विद्या राष्ट्रीय सम्मेलन २०२४September 15, 2024
  • जीवन विद्या परिचय शिविर
    जीवन विद्या परिचय शिविरSeptember 6, 2024
  • जीवन विद्या वर्कशॉप – 2024 (लोनावाला)
    जीवन विद्या वर्कशॉप – 2024 (लोनावाला)September 3, 2024
  • अस्तित्व मूलक मानव केन्द्रित चिंतन मध्यस्थ दर्शन सह अस्तित्ववाद पर आधारित जीवन विद्या परिचय शिविर
    अस्तित्व मूलक मानव केन्द्रित चिंतन मध्यस्थ दर्शन सह अस्तित्ववाद पर आधारित जीवन विद्या परिचय शिविरSeptember 3, 2024
Social
  • Youtube
  • Twitter
  • Telegram
  • Instagram
  • Facebook
  • Pinterest

Categories

  • Video
  • Jeevan Vidya
  • Jeevan Vidya Camp
  • Jivan Vidya activity
  • Jeevan Vidya blog

About
  • This website only information
  • Official site- Jeevan vidya
  • मध्यस्थ दर्शन सहअस्तित्ववाद
  • madhyasthdarshanjeevanvidya@gmail.com
©2026 जीवन विद्या | Design:By Softdigi