जीवन विद्या संवाद गोष्टी

निरंतर खुशी
सहज खुशी
.मानव खुश होने के लिये सुविधा जुटाता है और अपने शरीर और धरती को बीमार कर बैठता है ।
• मानव खुश होने के लिये संबंध बनाता है और सबसे ज्यादा संबधों में दुखी होता है ।
- मानव खुश होने के लिये ईश्वर का खोजता है और रहस्यों व कर्मकाण्ड मे फंस जाता है ।
स्थान:-सर्वोदय बोधग्राम, छिद्रवाला, ऋषिकेश, उत्तराखण्ड
गलती कहाँ ?
खुशी की चाहना में या खुशी की समझ में ?
आईये मिलकर चर्चा करें
7-9 October 2023
M: 9997187392, 7307111143, 9896646880